प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ दौरे पर – आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष सचिन रावल को अवैध रूप से किया गया हाउस अरेस्ट
हापुड़ पुलिस द्वारा आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष सचिन रावल को उनके पैतृक आवास ग्राम शेखपुर, ब्लॉक, तहसील, हापुड़ , जनपद हापुड़ में बिना किसी लिखित आदेश, वैध कारण या पूर्व सूचना के अवैध रूप से हाउस अरेस्ट कर दिया गया तथा आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
विदित हो कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी दिनांक 22 फरवरी 2026 को मेरठ में नमो भारत कॉरिडोर एवं मेरठ मेट्रो परियोजना के उद्घाटन हेतु आ रहे हैं। इस अवसर पर आजाद अधिकार सेना का प्रतिनिधिमंडल शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ज्ञापन प्रस्तुत करने वाला था।
इस संबंध में राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री देवेंद्र सिंह राणा द्वारा दिनांक 16 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश शासन को विधिवत पत्र भेजकर प्रधानमंत्री जी के दौरे के दौरान ज्ञापन देने की पूर्व सूचना दी गई थी। ज्ञापन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, नशा तस्करी, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी तथा किसानों की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को उठाया जाना प्रस्तावित था तथा कार्यक्रम हेतु सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया था।
इसके बावजूद प्रशासन द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई किया जाना भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस संबंध में राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री देवेंद्र सिंह राणा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम सरकारी कार्यक्रम और भारतीय जनता पार्टी की 2027 की चुनावी रैली अधिक प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा आम जनता के टैक्स के पैसे को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र में आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है और जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास है।
आजाद अधिकार सेना इस अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और प्रशासन से निम्न मांग करती है-
1. प्रधानमंत्री जी को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने के लोकतांत्रिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाए।
2. यदि प्रशासन के पास कोई गिरफ़्तारी वैध कारण है, तो उसे लिखित रूप में तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
आजाद अधिकार सेना ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई को समाप्त नहीं किया गया तो संगठन न्यायालय सहित सभी संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक विकल्पों का उपयोग करेगा।
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